Friday, November 5, 2010

     संघ हुआ सावधान, वेबाइट से जानकारी हटाई



            देशभर में रामजी और संदीप की तलाश तेज


 रवीन्द्र जैन
 भोपाल। अजमेर बम ब्लास्ट के मामले में संघ से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख नेता इंदे्रशकुमार का नाम इसमें आने के बाद संघ सावधान हो गया है। पिछले दो दिन से संघ की अधिकृत वेबसाइट बंद कर दी गई है। दूसरी ओर केन्द्रीय जांच एजेंसी और राजस्थान एटीएस ने रामजी कलसांगरा और संदीप डांगे की तलाश तेज कर दी है। मप्र पुलिस को उम्मीद है कि अजमेर ब्लास्ट में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ से देवास के बहुचर्तित सुनील जोशी हत्याकांड से भी पर्दा उठ सकता है। देवास पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने राजस्थान जाने की तैयारी कर रही है।
 अजमेर की दरगाह में बम ब्लास्ट करने के आरोप में राजस्थान एटीएस एक के बाद एक संघ से जुड़े स्वयं सेवकों को गिरफ्तार कर रही है। पुलिस अभी तक पांच स्वयं सेवकों को गिरफ्तार कर चुकी है। गुजरात में बेस्ट बैकरी कांड के प्रमुख आरोपी हर्षद सोलंकी की गिरफ्तारी के बाद केन्द्रीय जांच एजेंसी की आंखों में चमक आ गई है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि हषछ व उसके साथी मुकेश वासानी की गिरफ्तारी के बाद अजमेर के अलावा हैदराबाद, मालेगांव व समझौता एक्सप्रेस में हुए ब्लास्ट के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। अभी तक गिरफ्तार सभी आरोपी सुनील जोशी के नजदीक रहे हैं। सुनील जोशी के बारे में माना जाता है कि - अजमेर में 11 अक्टूबर 2007 को हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी उसी ने संभाली थी। इस ब्लास्ट के 89 दिन बाद देवास में सुनील जोशी की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
सुनील के खास थे हर्ष और मुकेश : मप्र पुलिस आजतक सुनील जोशी की हत्या के रहस्य से पर्दा नहीं उठा सकती है। यहां बता दें कि गुजरात से गिरफ्तार हर्षद सालंकी और मुकेश वासानी सुनील जोशी के नजदीकी लोगों में से थे। राजस्थान एटीएस का मानना है कि अजमेर की दरगाह में बम प्लांट करने का काम मुकेश वासानी ने किया था। गुजरात में बेस्ट बैकरी कांड दुबारा ओपन होने के बाद हर्षद सोलंकी फरार होकर देवास में सुनील जोशी के बाद रहने लगा था। हर्षद सोलंकी को सुनील जोशी के बारे में लगभग सभी जानकारी थी। हर्षद के अलावा उसके चार अन्य साथी भी सुनील के साथ रहते थे। दिसम्बर 2007 में सुनील की हत्या के बाद से ही उसके यह चारों साथी भी लापता हो गए थे। पुलिस को उम्मीद है कि सुनील जोशी को मालेगांव हैदराबाद व अजमेर ब्लास्ट के बारे में पूरी जानकारी थी, इसलिए इन घटनाओं के किसी बड़े मास्टर माइंड ने सुनील जोशी की हत्या करा दी थी।
संघ हुआ सावधान : बेशक इन घटनाओं में संघ का सीधा हाथ नहीं है, लेकिन इन घटनाओं में पकड़े जा रहे लगभग सभी आरोपी संघ से जुड़े रहे हैं। देशभर में हो रहीं गिरफ्तारी के बाद संघ सावधान हो गया है और संघ ने अपनी अधिकृत वेबसाइट बंद कर दी है। संघ को आशंका है केन्द्रीय जांच एजेंसी वेबसाइट की जानकारी के आधार पर संघ को बदनाम करने का काम कर सकती है। संघ ने फिलहाल अपनी साईट को बंद कर दिया है। संघ की साइट पर अंडर कन्सेक्टेशन लिखा आ रहा है।
पांचजन्य भी खामोश : संघ पर लगे गंभीर आरोप के बाद भी उसके अधिकृत समाचार पत्र पांचजन्य ने भी लगभग खामोशी ओढ़ ली है। उम्मीद की जा रही थी कि संघ पर लगे आरोपों का जबाव पांचजन्य में दिया जाएगा, लेकिन पांचजन्य के ताजा अंक में इस मुद्दे पर केवल संघ के सहकार्यवाह सुरेश जी जोशी का वह वक्तव्य प्रकाशित किया गया है जो उन्होंने संघ की जलगांव में हुई बैठक में दिया था। इसके अलावा पांचजन्य ने अजमेर ब्लास्ट के आरोपों के बारे में एक लाईन भी नहीं छापी है।
10 के बाद बनेगी रणनीति : संघ ने इन आरोपों के खिलाफ पूरे देश में 10 नवम्बर को धरने देने की योजना बनाई है। इन धरना प्रदर्शन की सफलता का मूल्यांकन करने के बाद ही संघ अपनी अगली रणनीति तय करेगा।
रामजी व संदीप की तलाश : अजमेर ब्लास्ट में मुख्य भूमिका निभाने वाले रामचंद कलसांगरा उर्फ रामजी व संदीप डांगे की तलाश तेज हो गई हे। केन्द्रीय जांच एजेंसी व राजस्थान एटीएस देशभर में इनकी तलाश कर रही है। सीबीआई को हैदराबादकी मक्का मस्जिद में हुए बम विस्फोट के सिलसिले में इनकी तलाश है। सीबीआई ने अपनी वेबसाईट पर इन दोनों के चित्र प्रकाशित करके हुए दोनों पर दस-दस लाख का ईनाम घोषित किया है।

1 comment:

  1. ज्योति पर्व के अवसर पर आप सभी को लोकसंघर्ष परिवार की तरफ हार्दिक शुभकामनाएं।

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